नईदिल्ली: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। यूपी से तीन शार्प शूटर्स को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद तीनों को रात में ही कोलकाता लाया गया और आज (11 मई) को इनकी पेशी बारासात कोर्ट में होगी।
विदित हो कि पश्चिम बंगाल में आए चुनाव नतीजों के बाद 6 मई की रात को मध्यमग्राम में सुवेंदु के पीए चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या हुई थी। पहले एसयूवी को उनके घर के पास एक कार ने रोका और इसके बाद बाइक सवार हथियारबंद लोगों ने उन पर बेहद करीब से गोलियां चलाईं। अज्ञात हमलावरों ने प्वाइंट ब्लैंक रेंज से 8 राउंड फायरिंग की गई जिससे चंद्रनाथ की मौके पर मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक चंद्रनाथ रथ के सीने में दो और पेट में एक गोली लगी थी। रिपोर्ट में अधिक रक्तस्राव के चलते मौत होना बताया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के मुताबिक हमलावर सीधे चंद्रनाथ की गाड़ी के सामने पहुंचे और खिड़की के पास से पिस्टल सटाकर गोली चलाई। इस वारदात को बहुत ही सुनियोजित योजना के तहत अंजाम दिया गया। घटना में इस्तेमाल हुई गाड़ी की नंबर प्लेट नकली थी। सिलीगुड़ी के एक शख्स ने OLX पर इस कार को बेचने का विज्ञापन दिया था। हमलावरों ने उसे देखकर नकली नंबर प्लेटें बनवाई थीं।
चंद्रनाथ रथ बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के सबसे करीबी सहयोगियों में गिने जाते थे। वह पूर्व मेदिनीपुर जिले के चंडीपुर में जन्मे थे। वह भारतीय वायु सेना के पूर्व अधिकारी थे। उन्होंने वॉलंटरी रिटायरमेंट (VRS) लेने के बाद कुछ वक्त तक कॉर्पोरेट सेक्टर में काम किया। बाद में उनका झुकाव राजनीति की दिशा में हो गया और उन्होंने 2019 के आसपास सुवेंदु अधिकारी के साथ काम की शुरुआत की। तब सुवेंदु अधिकारी ममता सरकार में मंत्री हुआ करते थे। इसके बाद साल 2020 में सुवेंदु अधिकारी ने टीएमसी का साथ छोड़कर बीजेपी का दामन थामा, तब भी रथ ‘साए’ की तरह उनके साथ थे। अधिकारी के साथ-साथ उन्होंने भी बीजेपी ज्वॉइन कर ली। बीजेपी नेताओं का कहना कि चंद्रनाथ रथ सिर्फ पीए नहीं थे, बल्कि रणनीति और संगठन समेत कई अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को संभाला करते थे।

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