Ujjain : उज्जैन में शनिश्चरी अमावस्या का अधिक महत्व है। शनिवार के दिन पढ़ने वाली अमावस्या को शनिचरी अमावस्या कहा जाता है। क्योंकि यहां पर त्रिवेणी घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं और स्नान करते हैं साथ ही अपने कपड़े जूते यहीं पर छोड़ देते हैं यहां पर स्नान करने से और पूजा अर्चना करने से पीड़ा व साढ़ेसाती का जो भी प्रभाव होता है, वह प्रभाव आधा हो जाता है। उज्जैन में शनिश्चरी अमावस्या पर नवग्रह मंदिर में भगवान का विशेष श्रृंगार किया गया है।
शनि भगवान को शाही पगड़ी पहनाई गई है और मनमोहक श्रृंगार किया गया है। वहीं प्रशासन ने भी व्यवस्था के पुरजोर इंतजाम किए हैं शनिचरी अमावस्या पर त्रिवेणी घाट पर सुबह से बड़ी संख्या में श्रद्दालु नवग्रह शनि मंदिर पर पहुँचे। इस बार भी सभी श्रद्दालुओं को फुव्वारे से स्नान करवाया जा रहा है।
शनिश्चरी अमावस्या पर 13 मार्च को त्रिवेणी मुख्य घाट पर फव्वारों से ही स्नान करने की व्यवस्था रखी गई थी। घाट पर महिला एवं पुरुषों के स्नान के लिए पृथक पृथक व्यवस्था की गई थी। साथ ही जो श्रद्धालु स्नान के बिना सीधे दर्शन करना चाहते थे उनके लिए अलग बेरिकेटिंग की व्यवस्था की गई। जो लोग स्नान के उपरांत दर्शन करना चाहते थे उनके लिए पृथक से व्यवस्था की गई।
पहली बार स्थान स्थान पर अलग-अलग तीन तरह की डस्टबिन रखी गई जिनमें कपड़े जूते एवं अन्य सामग्री दर्शकों द्वारा छोड़ी गई। कलेक्टर आशीष सिंह, पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र कुमार शुक्ला के मार्गदर्शन में एडीएम नरेंद्र सूर्यवंशी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र सिंह निरंतर व्यवस्थाओं की निगरानी रखी।

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