सितंबर में जेईई मेन और एनईईटी परीक्षा की अनुमति देने के आदेश के खिलाफ 6 राज्यों ने सुप्रीम कोर्ट में एक समीक्षा याचिका दायर की गई है। इन 6 राज्यों में पश्चिम बंगाल, झारखंड, राजस्थान, छत्तीसगढ़, पंजाब और महाराष्ट्र शामिल हैं। इन राज्यों के मंत्रियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।
अपनी याचिका में अदालत के 17 अगस्त के आदेश की समीक्षा करने और सितंबर में होने वाली JEE, NEET को स्थगित करने की मांग की गई है। समीक्षा याचिका 17 अगस्त के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर की गई है, जिसके तहत केंद्र सरकार को जेईई और एनईईटी परीक्षा आयोजित करने की अनुमति दी गई है।
पुनर्विचार याचिका पश्चिम बंगाल मलय घटक, झारखंड, रामेश्वर ओरांव, राजस्थान रघु शर्मा, छत्तीसगढ़ अमरजीत भगत, पंजाब बी एस सिंधु और महाराष्ट्र उदय रविंद्र सावंत के मंत्रियों की ओर से दायर की गई है। यह याचिका अधिवक्ता सुनील फर्नांडिस के माध्यम से दायर की गई है।
शीर्ष अदालत ने 17 अगस्त को, इस साल सितंबर में निर्धारित मेडिकल एवं इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं नीट और जेईई के आयोजन के मामले में हस्तक्षेप करने से यह कहते हुए इनकार कर दिया था कि जीवन चलते रहना चाहिए और विद्यार्थी वैश्विक महामारी के चलते अपना बहुमूल्य साल बर्बाद नहीं कर सकते।
शीर्ष अदालत ने सायंतन बिश्वास की याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें नीट और जेईई दोनों परीक्षाओं का आयोजन करने वाली राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को ये परीक्षाएं टालने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया था। न्यायालय ने कहा था कि याचिका सुनवाई करने लायक नहीं है।
इससे पहले सोनिया गांधी ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में सुप्रीम कोर्ट को रुख करने का फैसला किया था। मीटिंग में इस बात पर आम सहमति बनी है कि नीट.जेईई एग्जाम कराने के केंद्र सरकार के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी।

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