सुप्रीम कोर्ट में अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने गुरुवार को कहा कि अनुच्छेद 370 को खत्म करने का फैसला वापस लेना मुमकिन नहीं है। उन्होंने यह बात केंद्र सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 हटाने के खिलाफ दायर याचिकाओं पर आज सुनवाई में कही।
बहस के दौरान अटॉर्नी जनरल ने कोर्ट में इसे हटाए जाने का पूरा ब्यौरा दिया। उन्होंने इस दौरान कहा कि इसमें परिवर्तन नहीं किया जा सकता। मैं यह बताना चाहता हूं कि जम्मू-कश्मीर की संप्रभुता वास्तव में अस्थायी थी। हम राज्यों के एक संघ हैं।
गौरतलब है कि केद्र सरकार ने पिछले साल 5 अगस्त को जम्मू कश्मीर को 2 भाग में बांटने और अनुच्छेद 370 हटाने का फैसला किया था। इस फैसले के खिलाफ याचिका दायर हैं, जिनपर सुनवाई हो रही है। इससे पहले याचिकाकर्ताओं में से एक की ओर से पेश अधिवक्ता डॉ राजीव धवन ने कहा कि पहली बार भारत के संविधान के अनुच्छेद 3 का उपयोग करते हुए एक राज्य को एक केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया। यदि केंद्र एक राज्य के लिए ऐसा करते हैं। वे इसे किसी भी राज्य के लिए कर सकते हैं।

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