तीस हजारी अदालत ने एक नाबालिग द्वारा किए गए सड़क हादसे के मामले में स्पष्ट कहा कि लाइसेंस न होने पर बेटे को वाहन चलाने से रोकना माता-पिता की जिम्मेदारी है। अगर बच्चे से हादसा होता है तो वे भी इस हादसे के लिए जिम्मेदार हैं।
एमएसीटी अदालत के जज पवन कुमार जैन ने कहा कि पेश मामले में मां ने स्वयं अपने बेटे के हाथ में दोपहिया वाहन की चाबी दी। उन्होंने ऐसा करके इंश्योरेंस पॉलिसी का उल्लंघन किया। लिहाजा पीड़ित महिला को मुआवजा देने की जिम्मेदारी भी परिजनों की ही है। पीड़िता को हादसे की यातना झेलने के लिए 1,16,500 रुपये का मुआवजा देना होगा।
अदालत ने कहा कि इंश्योरेंस कंपनी वर्ष 2007 में हादसा होने के बाद से अब तक नौ प्रतिशत ब्याज दर के साथ रुपये तुरंत पीड़िता को दे। बाद मे इंश्योरेंस कंपनी हादसे के लिए जिम्मेदार नाबालिग के परिजनों से यह राशि वसूल कर सकती है।
नाबालिग ने की कोई सड़क दुर्घटना तो माता-पिता होगे जिम्मेदार : अदालत

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